देवी महालक्ष्मी संपूर्ण, ऐश्वर्य, चल। अचल, संपति, धन, यश,कीर्ति एवं सकल सुख वैभव को देने वाली साक्षात जगत माता नारायणी हैं। श्री गणेश जी समस्त विध्नों के नाशक, अमंगलों के हरणकर्ता, सद्विध्या एवं बुद्धि के दाता हैं
विस्तृत विवरणनवरात्र, महाअष्टमी व् महा नवमी : ये पर्व मां दुर्गा शक्ति के प्रतिक है। जिन जातकों को ऊर्जा का अभाव महसूस होता हो, अंजाना डर हमेशा दिल में समाया रहता हो, स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता हो, किसी उद्द्योग, प्रतिष्ठान में दुर्घटना आदि होती रहती हो, घर में क्लेश व् बीमारी बनी रहती हो तो इन दिनों में पूजा करने से जातक को इन सभी कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है।
विस्तृत विवरणकार्तिक मास की अमावस्या तिथि महा निशा की रात कों दीपावली का पर्व मनाया जाता है. इसी दिन सूर्य का तुला राशि में प्रवेश होता है. तुला राशि का स्वामी शुक्र सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाला ग्रह है. यह कालपुरुष कुंडली में धन व सप्तम भाव का स्वामी भी है....
विस्तृत विवरणइस वर्ष शारदीय नवरात्र का आरम्भ दिनांक ३० सितम्बर २००८, मंगलवार से हो रहा है। भारतवर्ष में नवरात्र का बडा महत्व है। शक्ति की उपासना करने वाले उपासकों के लिए तो यह अवधि बहुत महत्वपूर्ण होती है। जनसामान्य के लिए भी नवरात्र में आनंद, उत्सव और उपासना।
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