एक थाली में केसर में गंगाजल मिलाकर बनी स्याही से स्वास्तिक चिन्ह बनाएं। उस पर नेवैध्य चढाएं। सामने शुद्ध घी का दीपक जला कर रखें । ऊपर वर्णित किसी स्त्रोत से माँ सरस्वती की स्तुति करें। इसके बाद थाली में जल मिलाकर।
विस्तृत विवरणयदि सूर्य की सुबह की किरणें अध्ययन कक्ष में आती हों तो खिडकी दरवाजे सुबह के वक्त खोलकर रखने चाहिए ताकि सुबह के सूर्य को सकारात्मक ऊर्जा का लाभ मिल सके। यदि सूर्य की शाम की किरणें आती हों तो बिल्कुल न खोलें ताकि दोपहर ।
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