व्रत

व्रत
He-fast-Kurma-Jayanti-
मई 2012
व्यूस:125

श्री कूर्म जयंती व् व्रत

रोग-शोकादि के निवारणार्थ तथा धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष रुपी पुरुषार्थो की प्राप्ति हेतु इस दिन प्रात:काल में दैनिक क्रियाकलापों से निवृत होकर बिना कुछ ग्रहण किये, सूर्य नारायण भगवान् व् व्रत के देवता भगवान् विष्णु के अवतार कूर्म भगवान् को प्राणाम कर, निष्काम या सकाम

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Puno-Pjuno-fast
अप्रैल 2012
व्यूस:209

पजूनो पूनो व्रत

इस दिन पांच या सात मिटटी के मटकियों में ही (करवा सहित लाकर मटकियों को)चूना या खड़िया से तथा करवे को हल्दी से रंगाकर सुखाकर बालक तथा दो माताओं का चित्र सही पर बनावें. मटकियों को चारों और तथा करवे को मध्य में रखकर सभी पात्रों को विभिन्न

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Sanpada-fast
मार्च 2012
व्यूस:305

संपदा व्रत

संपदा व्रत कथा- राजा नल अपनी पत्नी दमयंती के साथ बड़े प्रेम से राज्य करता था. होली के अगले दिन एक ब्रह्माणी रानी के पास आई. उसने गले में पीला डोरा बांधा था. रानी ने उससे डोरे के बारे में पूछा तो वह डोरे के बारे

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avighnkar-vrat
फरवरी 2012
व्यूस:443

अविघ्नकर व्रत

अविघ्नकर व्रत का पालन फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को करने का विधान है। इस व्रत को सभी देवगणों, मनीषियों, संतों आदि ने भी मनोवांछित कामनाओं की पूर्ति हेतु किया है।

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makar-sankranti1324976863
जनवरी 2012
व्यूस:618

मकर संक्रांति : सूर्य साधना

सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो सूर्य के इस संक्रमण को मकर संक्रांति कहा जाता है। वेदों में सूर्य उपासना को सर्वोपरि बताया गया है। शास्त्रों की मान्यता है कि कलियुग में सूर्य भगवान का पूजन, अर्चन, आराधना, उपासना शीघ्र फलदायी होती है। संपूर्ण जगत में सूर्य भगवान ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जिनका हम साक्षात रूप में प्रतिदिन दर्शन करते हैं।

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fast-of-goddess-of-earth
जनवरी 2012
व्यूस:553

पृथ्वी माता का व्रत व पूजन

पृथ्वी माता के व्रत व पूजन का विशेष महत्व शास्त्रों व पुराणादि में वर्णित है। सभी ने भू देवी का पूजनकर अपने-अने योग्य मनोवांछित फलों को प्राप्त करते हुए जीवन का कल्याण किया है।

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shasti-devi-vrat
दिसंबर 2011
व्यूस:790

षष्ठी देवी व्रत

षष्ठी देवी का व्रत प्रत्येक मास में षष्ठी तिथि के अवसर पर यत्नपूर्वक करने व मनाने का विधान है।

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saturn-vrat
नवंबर 2011
व्यूस:628

शनिवार व्रत विधि

शनि व्रत शुक्ल पक्ष के शनिवार को किया जाता है। व्रतों की संखया 7, 19, 25, 33, 51 होनी चाहिए। शनि व्रत से कुछ सीमा तक राहु दोष भी शांत होता है। ऋण से मुक्ति के लिए व्रत के साथ इस दिन काली गाय जिसके सींग न हो को धास खिलाना अति उत्तम है। अंतिम व्रत के दिन उद्यापन में संक्षिप्त हवन करना श्रेष्ठ है।

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Krishna-Janmashtami-festival
अगस्त 2011
व्यूस:1022

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत विशेष रूप से उत्तरी भारत वर्ष में हर्षोल्ल्लास से बनाया जाता है. भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी, बुधवार, रोहिणी नक्षत्र व वृषभ राशि में चंद्रमा स्थित होने पर हुआ था. यह व्रत २०११ में २१-२२ अगस्त के दिन पूरे भारत में मनाया जाएगा. व्रत को करने की सरल विधि और व्रत से मिलाने वाले फलों को आप इस आलेख से जान सकते है. ...

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Varaha-Jayanti
अगस्त 2011
व्यूस:631

वराह व्रत व वराह जयंती

भगवान श्री विष्णु का तीसरा अवतार वराह रूप था. भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन श्री विष्णु ने वराह रूप में अवतार लिया था. यह दिन वराह जयंती के रूप में मनाया जाता है. वराह भगवान का व्रत करने से उपवासक को सुख-सम्पति प्राप्त होती है. तथा श्रद्धालु का कल्याण भी होता है. आलेख में दी गई व्रत विधि का अनुशरण कर भाग्य को जागृत किया जा सकता है....

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