रत्न -उपाय विचार | उपाय विचार

उपाय विचार रत्न -उपाय विचार
Gems-Choosing-accourding-to-Ascendant-
मई 2012
व्यूस:400

लग्नानुसार रत्न चयन

धरती के आँचल में प्राप्त होने वाले आभावान पत्थरों को रत्न कहा जाता हैं. रत्न बड़े प्रभावशाली होते हैं. यदि लग्नेश व् योगकारक ग्रहों के रातों को अनुकूल समय में उचित रीति से जाग्रत कर धारण किया जाएं तो वांछित लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं.

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Astrological-formulations-to-decide-what-to-wear-gems,-not-wearing-it
मई 2012
व्यूस:285

ज्योतिषीय योगों से तय करे - क्या रत्न पहनें, क्या न पहने

जन्म कुंडली में त्रिकोण सदैव शुभ होता हैं. इसलिए लग्नेश, पंचमेश व् नवमेश का रत्न धारण किया जा सकता हैं. यदि इन तीनों में कोई ग्रह अपनी उच्च राशि या स्वराधि में हो हो रत्न धारण नहीं करना चाहिए. यदि शुभ ग्रह अस्त या निर्बल हो तो उसका रत्न पहने, ताकि उस ग्रह के प्रभाव

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Ratna-holds-the-predestination
मई 2012
व्यूस:242

रत्न चयन व् धारण विधि -विधान

सही रत्न का चुनाव करना एक कठिन कार्य है, क्योंकि रत्न जहां लाभ करते हैं. वहीँ हानि भी पहुंचा सकते हैं. लग्न, चतुर्थ, पंचम, नवम, दशम, द्वितीय ये शुभ भाव हैं. यदि इनसे सम्बंधित ग्रह जन्मकुंडली में स्वग्रही

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Gems:-Positive-Energy-Resources
मई 2012
व्यूस:181

रत्न: सकारात्मक ऊर्जा स्त्रोत

रत्न एवं रत्नों से निर्मित आभूषण न केवल शरीर के विभिन्न अवयवों का अलंकरण ही करते हैं वरन उनमें आश्चर्यजनक अलौकिक दैवीय शक्ति विद्यमान रहती है जो अप्रत्यक्ष रूप से मानव शरीर में प्रवेश करके मानव जीवन को निरोगी एवं सुखमय बनाने की सामर्थ्य रखती हैं.

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Sun-Gems-News-Nature-and-astrological-pattern
मई 2012
व्यूस:164

बुध रत्न पन्ना-प्रकृति व ज्योतिषीय स्वरूप

हरे रंग की प्राकृतिक आभा से युक्त पत्थर पन्ना, संस्कृत मने हरित्मानी, मरकत पाची, गरुत्मत सोपर्नी आदि नामों से भी संबोधित किया जाता हैं. अत: अपनी गुण- विशेषी विशिष्टताओं व सुन्दर स्वरूपों के फलस्वरूप सदियों से

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Many-miraculous-gems-Kthla
मई 2012
व्यूस:147

बहुत चमत्कारी रत्न है कटहला

यह बैंगनी, नीला और श्वेत आदि रंगों में पाया जाने वाला पारदर्शी, नरम, और चमकदार रत्न हैं. मगर यह जितने गहरे बैंगनी रंग का होगा, वह उतना ही अच्छा होता हैं. इसकी खाने ब्राजील, अफ्रीका और भारत में हैं. मगर यह ब्राजील का उतम माना जाता हैं.

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There-are-many-disorders-of-the-flora,-karanj
मई 2012
व्यूस:145

कई व्याधियों की ओषधि हैं, करंज

प्राय: मध्य भारत एवं दक्षिण भारत में पाया जाने वाला करंज का सदाबहार विशाल वृक्ष १० से ३० मीटर ऊंचा तथा डेढ़ से ढाई मीटर मोटे तने वाला होता हैं. इसकी छाल हल्का सा पीलापन लिए तथा पत्तियों टहनियों पर १०-१८ सेमी. लम्बी सींकों पर लगी

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Variety-of-gems-scientific-analysis-and-clinical-utility
मई 2012
व्यूस:142

रत्नों की विविधता

रत्न भी पत्थर की तरह एक यौगिक हैं. परन्तु प्रकृति ने रत्नों को विशेष गुणों से संपन्न कर मूल्यवान बना दिया. अन्य पत्थर जहां कालांतर में मलिन और भग्न हो जाते हैं वहीँ रत्न अपने चिरयौवन से शताब्दियों शताब्दियों तक देदीप्यमान रहते हैं.

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Thank-amazing-gem-diamond
मई 2012
व्यूस:142

लाजवाब है शुक्र रत्न हीरा

अग्नि पुराण की कथा के अनुसार वृत्रासुर ने देव लोक पर आक्रमण किया तब भगवान् विष्णु की सलाह पर देवराज इन्द्र ने महर्षि दधिची से दान में प्राप्त उनकी हड्डियों से वज्र नामक अस्त्र का निर्माण किया. वस्तुत: दधीचि की

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Beneficial-use-of-the-working-of-gems
मई 2012
व्यूस:80

रत्नों की कार्यशैली का लाभप्रद उपयोग

हम अपने आस-पास व्यक्तियों को भिन्न-भिन्न रत्न पहने हुए देखते हैं. ये रत्न वास्तव में कार्य कैसे करते है और हमारी जन्मकुंडली में बैठे ग्रहों पर क्या प्रभाव डालते हैं और किस व्यक्ति को कौन से विशेष रत्न धारण करने चाहिए, ये सब बातें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.

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