ज्योतिष में भविष्य कथन की कई पद्वतियां है। जिन्हें भिन्न-भिन्न महर्षियों ने अपने-अपने अनुसंधानों के आधार पर तैयार किया है। महर्षि जैमिनी ने भी फलकथन की एक ऐसी ही पद्वति विकसित की जिसे जैमिनी ज्योतिष के नाम से जाना