भारतीय संस्कृति में विवाह को एक पवित्र बंधन के रूप में मान्यता मिली हुई है। सोलह संस्कारों में विवाह संस्कार एक प्रमुख संस्कार है। सामान्यत: प्रेम विवाह या बहु-विवाह का प्रचलन समाज में नहीं है। इसके साथ ही हिन्दू विवाह अधिनियम भी बहु-विवाह को अवैध करार देता है।
विस्तृत विवरणहस्तरेखा शास्त्र के आधार पर हाथ की रेखाओं से जीवन के सभी रंग सामने आ जाते हैं लेकिन आइए जानें किन विषम रेखाओं के कारण मनचाहे साथी से विवाद होने के बाद भी समस्त वैवाहिक जीवन उतार-चढ़ाव के भंवर में फंसकर दुखपूर्ण हो जाता है।
विस्तृत विवरणविवाह में विलंब और वैवाहिक जीवन में क्लेश, तनाव, मानसिक पीड़ा और तलाक जैसी स्थिति किन योगों के कारण होती है। इन स्थितियों से बचाव के लिए किए जाने वाले उपायों का वर्णन।
विस्तृत विवरण