ज्योतिष एक ऐसी विद्या है जिसके द्वारा बीमारियों का पूर्वानुमान लगाकर उनसे बचने के उपाय किए जाते हैं या उसकी तीव्रता कम की जा सकती है। प्रस्तुत है इस संदर्भ में विभिन्न ग्रह व जन्मपत्री के प्रत्येक स्थान व राशि से शरीर के कौन-कौन से अंग प्रभावित होते हैं उसकी संक्षिप्त जानकारी।
विस्तृत विवरणजन्म कुंडली में सूर्य का बली होकर, सुस्थिर होना, जातक की आरोग्यशक्ति में वृद्धि करता है. इस अवस्था में व्यक्ति शीघ्र रोगों के प्रभाव में नहीं आता है. सूर्य व्यक्ति को रोगों से मुक्त रखने में सहयोग करता है, साथ ही व्यक्ति के आत्मबल में बढोतरी करता है. सूर्य देव आत्मा, मस्तिष्क और आँखों के कारक ग्रह है.
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