ध्यान

ध्यान
The-first-phase-of-outgoing-power-of-life-care
जून 2007
व्यूस:526

ध्यान जीवन की बहिर्मुखी शक्ति की ओर प्रथम चरण

ध्यान आध्यात्मिक जीवन का सबसे प्रमुख अंग है। अत: उसके अनुकूल प्राकृतिक दृश्य जैसी बाह् परिस्थितिथियां वांछनीय है। ध्यान के लिए एक ऐसा स्थान चुन लेना चाहिए जहां केवल ध्यान किया जाए। स्थान शांत और शब्दरहित होना चाहिए।

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Focus-on-developing-consciousness
मई 2007
व्यूस:462

चेतना का विकास ही ध्यान

मेडिटेशन शब्द को भारत में ठीक उस अर्थ में नहीं समझा जाता जैसा पाश्चात्य देशों में समझा जाता है। वेदांत में एक अन्य समानार्थक शब्द का प्रयोग किया जाता है, जो उसके वास्तविक अर्थ के अत्यंत निकट आता है। वह है ध्यान अथवा निदिध्यासन या संभवत: उपासना

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Money-Science
अप्रैल 2007
व्यूस:642

धन का विज्ञान

यह स्वाभाविक है की निष्ठापूर्वक लंबे समय तक ध्यानाभ्यास करने वाले लोग अपनी प्रगति की समीक्षा करना चाहेंगे। आत्म विश्लेषण करने पर बहुत लोगों को यह लगता है की बहुत वर्षों ता अभ्यास करने पर भी वे लक्ष्य की और अधिक नहीं बढ़ पाए है।

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