रमल ज्योतिष भारतीय मूल का शास्त्र है। इस शास्त्र का प्रसार यवन मौलिवयों ने किया इसिलए इसे यवनीय ज्योतिष भी कहा जाता है। इस शास्त्र में संबिंधत जानकारी प्रस्तुत लेख द्वारा ज्ञात कीजिए।
विस्तृत विवरणभविष्य कथन कि विभिन्न पद्वतियों में से “रमल” एक बहुत पुरातन पद्वति है, जिसका कभी बहुत चलन था लेकिन वर्तमान काल में यह पद्वति लुप्त सी हो रही है। फिर भी कुछ लोग हैं जो इस “रमल” पद्वति के रहस्यों को भलीं भांति समझते है और उसे प्रयोग में लाते है।
विस्तृत विवरणरमल विद्या में भी बारह भावों-तन धन, बंधु –बांधव, मां, पुत्र, विद्या, शत्रु, मामा, जाया, मृत्यु, कर्म लाभ फलादेश चमत्कारिक ढंग से किया जाता है। रमल रहस्य पुस्तक के अनुसार पार्वती के द्वारा प्रश्न विद्या के ज्ञान के बारे में सवाल किए जाने पर भगवान शिव
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