मैंने जब भगवान शिव की आराधना की थी तब उन्होंने मुझे दण्डनायक ग्रह घोषित कर न्यायाधीश की पदवी दी थी तथा नवग्रहों में स्थान दिया था। मैं प्राणियों के कर्मानुसार उन्हें मिलने वाले दण्ड का निर्धारण करता हूं।