योगासन

योगासन
Yoga-beneficial-to-fight-obesity
दिसंबर 2007
व्यूस:394

मोटापे से निजात के लिए लाभकारी योगासन

कहा जाता है – पहला सुख निरोगी काया और दूसरा सुख जेब में माया। यानी की सब काम बाद में, पहले शरीर को स्वसत्य बनाए रखने पर ध्यान दें। दिनचर्या में जो भी करें, वह स्वास्थ्य को बढाने वाला हो। स्वास्थ्य को नजर अंदाज करके कोई काम न करें

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Cure-yoga-body
नवंबर 2007
व्यूस:573

योगासन संवारे तन-बदन

वर्तमान परिवेश में अपने शरीर को सही शेप में रखने व चेहरे कि खूबसूरती बढाने कि दिलचस्पी कुछ जयादा ही बढ़ जाती है। जहां चेहरे को खूबसूरत बनाने के लिए तरह-तरह के प्रसाधन बाजार में उपलब्ध हैं, वहीँ शरीर को सही शेप प्रदान करने के लिए भी बहुत से

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The-head-is-in-yoga-posture
अक्तूबर 2007
व्यूस:522

योगासनों में सिरमौर है शीर्षासन

यह विचार एकदम गलत है की सर नीचे टीकाकार उलटा खड़े होने वाले आसान को ही शीर्षासन कहते है। योगासनों में सबसे महत्वपूर्ण आसन होने के कारण ही इसका नाम शीर्षासन रखा गया है। शीर्ष शब्द का अर्थ होता है। श्रेष्ठ और उंचा यानी उच्च श्रेणी का। शीर्षासन जहां गुणकारी और श्रेष्ठ

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Planetery
अगस्त 2007
व्यूस:491

योग से दूरे करें उच्च रक्तचाप

भागदौड भरी दिनचर्या से जीवन में चिंता, तनाव, क्रोध और चिडचिडापन तेजी से बढता जा रहा है, जिससे मन अशांत होता जाता है। मन अशांत होने के कारण अनेक तरह के रोग जन्म ले रहे है, जिसमें से एक मुख्य रोग उच्च रक्तचाप है।

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Beneficial-in-diseases-of-the-spine-posture
जून 2007
व्यूस:417

रीढ़ संबंधी रोगों में लाभकारी आसन

योग अपने को जानने की एक ऐसी कला है, जिसके द्वारा शरीर, मन और आत्मा का शोधन होता है। इसका सरल अध्यास हमें हर प्रकार से स्वस्थ और चिंतनशील बनाता है। इसे आठ वर्ष के बच्चे से लेकर १०० वर्ष के वृद्ध व्यक्ति तक कर सकते है। यहाँ हम

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Muscle-confirm-yoga
मई 2007
व्यूस:403

स्नायुपुष्टि हेतु योगासन

योग हमारी मानसिक व् शारीरिक शक्तियों को बढाने के साथ-साथ हमारे अंदर निहित शक्तियों को भी विकसित करता है। शरीर विभिन्न तंत्रों का समूह है, प्रत्येक तंत्र, विकसित करने के लिए हमारे ऋषि-मुनियों ने अनेक तरह के योग सुझाए है। विकसित स्नायु तंत्र भी

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Yoga-for-stomach-disease
अप्रैल 2007
व्यूस:421

उदर संबंधी रोगों हेतु योगासन

जब मन, बुद्धि और चित् की सम – वृति हो जाती है, तो उसे समाधि कहते है। इंद्रियों की समपुष्टता को भी समत्व कहते है। शरीर से लेकर आत्मा तक समत्व साधन करना योग का अभीष्ट है। छह वर्ष की आयु से सतर–अस्सी वर्ष की आयु तक के व्यक्ति योगाभ्यास कर

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Measures-to-overcome-stress-on-TM
फरवरी 2007
व्यूस:464

तनाव से उबरने का उपाय भावातीत ध्यान

आज अधिकांश मनुष्यों का जीवन तनावों से भरा है। उनमें संकटों से जूझने की शक्ति लगातार क्षीण होती जा रही है। विचार व्यवस्थित न होने और एकाग्रता की कमी के कारण उनके जीवन का काफी हिस्सा बेकार के विचार और कल्पनाएं करने में नष्ट

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Yoga-is-a-holistic-health-system
फरवरी 2007
व्यूस:427

योगासन एक संपूर्ण स्वास्थ्य पद्वति

शरीर को किसी एक मुद्रा या स्थिति में रखते हुए सुख प्राप्त करना आसन है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए आसन बहुत जरुरी है। यौगिक आसन अन्य शारीरिक व्यायामों की अपेक्षा पूरी तरह से वैज्ञानिक है। इनको भारतीय महर्षियों ने मानव जाति की

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