Vastu deals with the influences of the directions and five elements and demonstrates how to balance the energies to bring benefits relating to wealth, health and spirituality. Vastu can have a detrimental effect on health when certain defects occurs in certain directions. Related article throws light on the manifestation of cancer disease in relationship to vastu defects...
Read Moreदेवमूर्तियों का निर्माण करते समय यह ज्ञान होना अति आवश्यक है कि जिस शिला से हम देवमूर्ति का निर्माण करने जा रहे हैं वह शुभ है अथवा अशुभ तथा देवता अथवा देवी के निर्माण योग्य शिला का क्या लक्षण है? इस ज्ञान पिपासा की तृप्ति देवता मूर्ति प्रकरण का अध्ययन करने से होती है।
Read Moreआजकल की तेज तर्रार जिंदगी में प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों के कैरियर के प्रति इतने सजग हो गए हैं कि, जैसे ही उनका लड़का या लड़की 10 वीं पास करते हैं वह उसके कैरियर के लिए ऐसी राहें तलाद्गाने लगते हैं कि, जिससे की उनके बच्चे को अच्छी नौकरी मिल जाए और उनके कैरियर में चार चांद लग जाए। यदि इस तलाद्गा के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता अपने घर और बच्चों के अध्ययन कक्ष के वास्तु की कुछ छोटी-छोटी किंतु अति महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रख लें तो निद्गिचय ही बच्चे का कैरियर स्वर्णीम हो सकता है।
Read Moreजैसा खाओगे अन्न वैसा बनेगा मन (16 कक्षों की कल्पना के कारण में भोजनालय भी है।) इसलिये रसोईघर घर का सबसे संवेदनशील स्थान होता है। यह सर्वविदित है कि प्रत्येक प्राणी के जीवन में भोजन का बहुत महत्त्व है। क्योंकि यह शारीरिक व मानसिक दोनों प्रकार का स्वास्थ्य प्रदान करता है। स्वास्थ्य ही सुखी जीवन का आधार है इसी पर चारों पुरुषार्थ टिके हैं
Read Moreआज के युग में विशेष तौर पर बड़े शहरों में जहां रहने के लिए घरों का मिलना ही बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है, ऐसे में संपूर्ण वास्तु सम्मत निवास का मिलना असंभव सा प्रतीत होता है। ऐसे में किसी दिशा विशेष का विस्तार कम हो या दिशा विपरीत हो विशेष तौर पर जब सीढ़ियों की दिशा वामावर्ती हो या घर के सम्मुख कोई वेध हो या निर्माण की दिशा विपरीत हो तो दर्पण विशेष रूप से वास्तु दोष को बिना तोड़ फोड़ दूर करता है
Read Moreअस्पताल एक ऐसा स्थल है जो समाज के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। अतः ऐसे संस्थान का निर्माण वास्तु के नियमों के अनुसार होना चाहिए जिससे बीमार व्यक्ति यथाशीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें। इससे डॉक्टर और मरीज दोनों को लाभ होता है। ऐसे अस्पताल काफी लोकप्रिय हो जाते हैं।
Read Moreप्रद्गन : पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है। अर्थात् पृथ्वी स्थिर नहीं है। ऐसे में वास्तु की प्रासंगिकता क्या है? उत्तर : यह सही है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है, साथ ही हमारा पूरा सौरमंडल भी आकाद्गागंगा में अनंत की ओर तेजी से दौड़ रहा है। रेलगाड़ी के कई डिब्बे पटरी पर एक साथ दौड़ते हैं तथा डिब्बों के गतिद्गाल होने पर भी अंदर रखा सामान स्थिर रहता है। गति के अचनाक कम या ज्यादा हाने पर ही सामान में अस्थिरता पैदा होती है जिससे हमारा सामान इधर-उधर बिखर जाता है। वास्तुद्गास्त्र का मूल आधार विद्गवव्यापी पंच तत्त्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाद्गा हैं।
Read MoreIn today’s stressful society we are looking at the ways to improve the quality of our lives. Stepping into the garden is a wonderful way to relax and restore inner peace. A house with well planned flowering plants not only enhances the aesthetic beauty of the place, but contributes considerably to our environment.
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