व्यूस: 5293
भगवत प्राप्ति के अनेक साधन हैं। यह मार्ग कठिन होते हुए भी जिस एक मात्र साधन अनन्यता के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है, आइए ,जानें सहज शब्दों में निरुपित साधना का यह स्वरूप।